
प्रेस नोट
फिंगरप्रिंट तकनीक से अपराधों के खुलासे को मिलेगी रफ्तार — पुलिस कंट्रोल रूम सागर में प्रशिक्षण आयोजित
दिनांक – 19/07/2025 | स्थान – पुलिस कंट्रोल रूम, सागर
पुलिस अधीक्षक सागर विकाश कुमार शाहवाल के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा के मार्गदर्शन में, अपराध अनुसंधान की दक्षता बढ़ाने हेतु दिनांक 19 जुलाई 2025 को पुलिस कंट्रोल रूम सागर में अंगुल चिन्ह (फिंगरप्रिंट) से संबंधित एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का संचालन कार्यवाहक निरीक्षक एस. एल चौधरी एवं सहायक रविन्द्र सिंह राजपूत द्वारा किया गया। इस अवसर पर पदस्थ विवेचक एवं आरक्षक मददगारों को नेफिस प्रणाली, MCU तथा अज्ञात मृतकों के फिंगरप्रिंट सर्च करने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
इस प्रशिक्षण में जिले के 20 थानों से कुल 35 पुलिसकर्मी (विवेचक व आरक्षक मददगार) उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों को मौके पर प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया ताकि वे व्यवहार में तकनीकी जानकारी का कुशल उपयोग कर सकें।
फिंगरप्रिंट तकनीक अपराधों के खुलासे में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई जघन्य अपराध केवल फिंगरप्रिंट साक्ष्य के माध्यम से ही सुलझाए गए हैं। इसी उद्देश्य को लेकर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया था कि वे अधिक से अधिक मामलों में फिंगरप्रिंट साक्ष्य संकलित करें एवं सभी विवेचकों को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करें।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक अपराध अनुसंधान विधियों से सशक्त बनाना एवं अपराधों के शीघ्र व सटीक खुलासे को सुनिश्चित करना है।