भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा- पूर्व मंत्री  भूपेंद्र सिंह

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा- पूर्व मंत्री  भूपेंद्र सिंह

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता प्रधानमंत्री के विकसित भारत संकल्प का हिस्सा – पूर्व मंत्री शभूपेंद्र सिंह

सागर। भारत और ब्रिटेन के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता देश को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके माध्यम से हम 2028 तक यह लक्ष्य तो करेंगे ही साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत संकल्प अभियान की दिशा में यह समझौता कारगर सिद्ध होगा। यह विचार पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने व्यक्त किए हैं।

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व गृहमंत्री,खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि यह समझौता बताता है कि आज दुनिया भारत की शानदार विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिवार्यता बन चुका है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुई देश की आर्थिक प्रगति ने देश को एक आकर्षक एकानामिक हब के रूप में उभारने का काम किया है। प्रधानमंत्री  मोदी के वैश्विक व्यक्तित्व ने भारत की विपुल संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इस मुक्त व्यापार समझौते के प्रत्यक्ष लाभों से अधिक अप्रत्यक्ष लाभ हैं और यह देश की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।

पूर्व गृहमंत्री  भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारे उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में व्यापक रूप से एक्सपोजर मिलेगा। यूरोपीय यूनियन के अन्य देशों के नागरिक व ब्रिटेन में आवागमन करने वाली वैश्विक आबादी सभी प्रकार के भारतीय उत्पादों को देख सकेगी, खरीद सकेगी, उपयोग कर सकेगी। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक स्वीकार्यता में व्यापक वृद्धि होना सुनिश्चित है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय उत्पादकों का अपने काम पर, उत्पादों और सेवाओं पर आत्मविश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि यह ऐसा समझौता है जिससे दुनिया की छठी सबसे बड़ी समृद्ध आबादी वाला ब्रिटेन भारतीय उत्पादों के लिए एक शोरूम की तरह होगा जहां से पश्चिमी दुनिया के लिए भारतीय व्यापार को पहुंच मिलेगी। पश्चिम के अन्य सभी देश जब भारतीय उत्पादों की विविधता, गुणवत्ता और उचित मूल्यों से अवगत होंगे तब भारत से व्यापार के लिए पश्चिमी देशों में एक तरह की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होगी। अन्य यूरोपीय देशों की जनता ही अपनी सरकारों को भारत के लिए अपने बाजार भारतीय हितों के संरक्षण के साथ खोलने के लिए प्रेरित करेगी।

पूर्व मंत्री  भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और कंबोडिया के टेक्सटाइल उत्पाद ब्रिटेन में टैक्स फ्री थे जबकि भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर 12 प्रतिशत प्रतिशत टैक्स होने से गुणवत्ता और वैरायटी में श्रेष्ठ होने के बावजूद भारतीय वस्त्र इन छोटे देशों से मात खा रहे थे। अब मुक्त व्यापार समझौते के बाद यह स्थिति उलट जाएगी। भारतीय टेक्सटाइल मार्केट में लगभग 20 प्रतिशत का उछाल आएगा। इससे भारतीय कारीगरों की एक बड़ी संख्या को रोजगार का क्षेत्र खुलेगा। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल क्षेत्र एक उदाहरण मात्र है। ऐसा ही उत्साहजनक बदलाव अन्य क्षेत्रों में आने वाला है। इनमें ज्वेलरी, आटोपार्टस, फार्मा, लेदर, फुटवेयर, जैविक जड़ी बूटियों जैसे हजारों उत्पाद ब्रिटिश बाजार में उतर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से सेवा क्षेत्र में दोतरफा लाभ मिलेगा। इससे दोनों देशों के उद्योगपति और निवेशक लाभान्वित होंगे। साथ ही ’मेक इन इंडिया’ के साथ मैन्यूफैक्चरिंग को नई गति मिलेगी। जीरो ड्यूटी एक्सेस के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट में भारी तेजी आएगी। सेवा क्षेत्र में दोतरफा लाभ मिलेगा।

सिंह ने कहा यह प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार की बड़ी सफलता है कि इस समझौते में देश के किसानों के स्थानीय हित पूरी तरह सुरक्षित करते हुए उनके आगे बढ़ने के अवसर खोल लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस समझौते से 95 प्रतिशत कृषि उत्पादों का फ्री ड्यूटी निर्यात हो सकेगा। अगले 3 वर्षों में कृषि निर्यात में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की उम्मीद है जिससे वैश्विक मंच पर भारत को शक्ति मिलेगी।
भारत की महिला उद्यमियों के लिए वैश्विक मंच तैयार होगा। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी  के महिला सशक्तिकरण के विचार से बायोटेक, वस्त्र उद्योग और पारंपरिक शिल्प से जुड़ी महिलाओं को फाइनेंस, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल एक्सेस मिलेगा ताकि वे ग्लोबल लीडर्स बन सकें।

उन्होंने कहा कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते से स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्यात में होगी आसानी।
भारतीय जेनेरिक दवाओं को यूके में जीरो ड्यूटी मार्केट एक्सेस उपलब्ध होगा। सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स, डायग्नोस्टिक इक्विपमेंट के निर्यात में बहुत वृद्धि होगी।
मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े क्षेत्र बेहतर मूल्य प्रतिस्पर्धा का लाभ मिलेगा।
स्मार्टफोन, ऑप्टिकल फाइबर, इनवर्टर जैसे प्रोडक्ट्स के निर्यात में मजबूत पकड़ बनाएंगे।
सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट व डिजिटल नेटवर्क के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे। डिजिटल इकॉनमी को नया बल मिलेगा।

पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि ऐसे समझौते व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितताओं को दूर करके निवेशकों का विश्वास बढ़ाते हैं। पूर्व की यूपीए सरकार में दुनिया के विकसित देश भारत के साथ व्यापार समझौते के लिए आकर्षित नहीं थे, क्योंकि तब देश की गिनती दुनिया की पांच कमजोर व अस्थिर अर्थव्यवस्थाओं में होने लगी थी। यह समझौता देश के मूल हितों से समझौता किए बिना वंचित समुदायों के लिए आकर्षक वैश्विक अवसरों के द्वार खोलता है साथ ही भारत की वाणिज्यिक कुशलता को भी सिद्ध करता है। उन्होंने कहा कि इससे ग्लोबल ट्रेड में भारत को ब्रिटेन के प्रमुख आयातक देशों जर्मनी, चीन, यूएस व फ्रांस के साथ प्रतिस्पर्धा में सहायता मिलेगी। दोनों के रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ेगी। इस समझौते से भारत और ब्रिटेन के बीच हर साल 3 लाख करोड (34 अरब अमेरिकी डॉलर) का कारोबार बढ़ने की संभावना बनी है। जिसका पूरा लाभ भारत के उद्यमियों व आम नागरिकों को होगा। इस एफटीए में भारत-यूके के बीच व्यापार को 2030 तक 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
दोनों देशों के बीच व्यापार का लगभग पूरा हिस्सा अब कर मुक्त होगा।

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