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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-12/08/2025,मंगलवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———— तृतीया 08:40:09. तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र——— पूoफाo 11:50:56
योग————-सुकर्मा 18:52:23
करण——– विष्टि भद्र 08:40:09
करण————– बव 19:38:59
वार———————– मंगलवार
माह——–‐————– भाद्रपद
चन्द्र राशि—– कुम्भ 06:09:14
चन्द्र राशि——————- मीन
सूर्य राशि——————- कर्क
रितु‐—————————वर्षा
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————– 5126
वृन्दावन
सूर्योदय—————- 05:49:32
सूर्यास्त—————– 18:58:32
दिन काल————– 13:09:00
रात्री काल————– 10:51:30
चंद्रास्त—————– 08:36:32
चंद्रोदय—————–20:57:31
लग्न—- कर्क 25°21′ 115°21′
सूर्य नक्षत्र—————– आश्लेषा
चन्द्र नक्षत्र———— पूर्वाभाद्रपद
नक्षत्र पाया——————– ताम्र
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
दा—- पूर्वाभाद्रपद 06:09:14
दी—- पूर्वाभाद्रपद 11:50:56
दू—- उत्तराभाद्रपद 17:31:56
थ—- उत्तराभाद्रपद 23:12:18
झ—- उत्तराभाद्रपद 28:52:07
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= कर्क 25°49 ,आश्लेषा 3 डे
चन्द्र= कुम्भ 29°30 , पूoफाo 3 दा
बुध = कर्क 10°52 ‘ पुष्य 3 हो
शु क्र= मिथुन 19°05, आर्द्रा , 4 छ
मंगल= कन्या 08°30 ‘उ o फ़ा o 4 पी
गुरु=मिथुन 19°30 आर्द्रा , 4 छ
शनि=मीन 07°48 ‘ उ o भा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 25°30पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 25°30 पूoफा o 4 टू
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 15:41 – 17:20 अशुभ
यम घंटा 09:07 – 10:45 अशुभ
गुली काल 12:24 – 14:03 अशुभ
अभिजित 11:58 – 12:50 शुभ
दूर मुहूर्त 08:27 – 09:20 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:19 – 24:12* अशुभ
वर्ज्यम 20:56 – 22:27 अशुभ
प्रदोष 18:59 – 21:10 शुभ
🚩पंचक 3 अहोरात्र अशुभ
💮चोघडिया, दिन
रोग 05:50 – 07:28 अशुभ
उद्वेग 07:28 – 09:07 अशुभ
चर 09:07 -10:45 शुभ
लाभ 10:45 – 12:24 शुभ
अमृत 12:24 – 14:03 शुभ
काल 14:03 -15:41 अशुभ
शुभ 15:41 – 17:20 शुभ
रोग 17:20 – 18:59 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
काल 18:59- 20:20 अशुभ
लाभ 20:20- 21:41 शुभ
उद्वेग 21:41 – 23:03 अशुभ
शुभ 23:03 – 24:24* शुभ
अमृत 24:24* – 25:46* शुभ
चर 25:46* – 27:07* शुभ
रोग 27:07* – 28:29* अशुभ
काल 28:29* – 29:50* अशुभ
💮होरा, दिन
मंगल 05:50- 06:55
सूर्य 06:55- 08:01
शुक्र 08:01 -09:07
बुध 09:07 -10:13
चन्द्र 10:13 -11:18
शनि 11:18- 12:24
बृहस्पति 12:24 -13:30
मंगल 13:30- 14:36
सूर्य 14:36 -15:41
शुक्र 15:41 -16:47
बुध 16:47- 17:53
चन्द्र 17:53- 18:59
🚩होरा, रात
शनि 18:59- 19:53
बृहस्पति 19:53 -20:47
मंगल 20:47- 21:41
सूर्य 21:41- 22:36
शुक्र 22:36 -23:30
बुध 23:30 -24:24
चन्द्र 24:24-25:19
शनि 25:19-26:13
बृहस्पति 26:13-27:07
मंगल 27:07-28:01
सूर्य 28:01 -28:56
शुक्र 28:56-29:50
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
कर्क > 03:48 से 06:08 तक
सिंह > 06:08 से 08:30 तक
कन्या > 08:30 से 10:44 तक
तुला > 10:44 से 13:04 तक
वृश्चिक > 13:04 से 15:24 तक
धनु > 15:24 से 17:34 तक
मकर > 17:34 से 19:18 तक
कुम्भ > 19:18 से 20:36 तक
मीन > 20:36 से 21:56 तक
मेष > 21:56 से 23:52 तक
वृषभ > 23:52 से 01:36 तक
मिथुन > 01:32 से 003:40 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 3 + 3 + 1 = 22 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष
क्रीड़ायां = शोक, दुःख कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
*कज्जली तीज
*बहुला चतुर्थी
*सर्वार्थ सिद्धि योग 11:51 से
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
किं तया क्रियते धेन्वा या न दोग्ध्री न गर्भिणी ।
कोऽर्थः पुत्रेण जातेन यो न विद्वान्न भक्तिमान् ।।
।।चाo नीo।।
वह गाय किस काम की जो ना तो दूध देती है ना तो बच्चे को जन्म देती है. उसी प्रकार उस बच्चे का जन्म किस काम का जो ना ही विद्वान हुआ ना ही भगवान् का भक्त हुआ.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: अर्जुन विषादयोग:- अo-1
काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः।
धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः॥
द्रुपदो द्रौपदेयाश्च सर्वशः पृथिवीपते।
सौभद्रश्च महाबाहुः शंखान्दध्मुः पृथक्पृथक्॥
श्रेष्ठ धनुष वाले काशिराज और महारथी शिखण्डी एवं धृष्टद्युम्न तथा राजा विराट और अजेय सात्यकि, राजा द्रुपद एवं द्रौपदी के पाँचों पुत्र और बड़ी भुजावाले सुभद्रा पुत्र अभिमन्यु- इन सभी ने, हे राजन्! सब ओर से अलग-अलग शंख बजाए
॥17-18॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
मित्रों तथा संबंधियों का सहयोग कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्य पूर्ण होंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। नए काम मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। नए लोगों से परिचय होगा। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। घर-परिवार की चिंता रहेगी।
🐂वृष
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। फालतू खर्च होगा। कुसंगति से हानि होगी। बड़ों की सलाह मानें, लाभ होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कानूनी अड़चन से सामना हो सकता है। हड़बड़ी न करें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। चिंता बनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा।
👫मिथुन
आशंका-कुशंका के चलते निर्णय लेने की क्षमता कम हो सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति के योग हैं। रोजगार में वृद्धि होगी। नौकरी में पदोन्नति संभव है। धन प्राप्ति सुगम होगी। उत्साह से काम कर पाएंगे। अच्छी खबरें प्राप्त होंगी।
🦀कर्क
घर में मेहमानों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। आत्मसम्मान बना रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में चैन रहेगा। नए मित्र बनेंगे। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जोखिम न लें।
🐅सिंह
व्यापार-व्यवसाय में लाभ के योग हैं। मित्रों की सहायता कर पाएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। नौकरी मे प्रभाव बढ़ेगा। उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। उत्साह वृद्धि होगी। आय के नए साधन प्राप्त हो सकते हैं। धनार्जन सुगम होगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी।
🙎♀️कन्या
बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। उत्साह में कमी रहेगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। दौड़धूप अधिक रहेगी। घर-परिवार की चिंता बनी रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। अपने काम पर ध्यान दें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी।
⚖️तुला
शत्रु परास्त होंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आयोजन हो सकता है। स्वादिष्ट व्यंजनों का लाभ प्राप्त होगा। जीवन सुखमय व्यतीत होगा। विवाद को बढ़ावा न दें। वाणी पर नियंत्रण आवश्यक है। काम में मन लगेगा। नौकरी में कोई नया काम कर पाएंगे। प्रमाद न करें।
🦂वृश्चिक
स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। कोई कारोबारी बड़ा सौदा लाभ दे सकता है। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय में मनोनुकूल लाभ होगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी। जल्दबाजी न करें।
🏹धनु
कानूनी अड़चन दूर होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नौकरी में अधिकारी वर्ग प्रसन्नता जाहिर करेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेश इत्यादि मनोनुकूल लाभ देंगे। पारिवारिक सहयोग मिलने से प्रसन्नता, उत्साह व संतुष्टि रहेंगे। कुसंगति से बचें। स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है।
🐊मकर
चोट व दुर्घटना से हानि तथा पीड़ा का योग बनता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें, क्लेश हो सकता है। पार्टनरों से मतभेद हो सकता है। शारीरिक शिथिलता रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। जोखिम न उठाएं।
🍯कुंभ
यात्रा लाभदायक रहेगी। रुका हुआ धन प्राप्ति के योग हैं, प्रयास करें। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। उत्साह तथा प्रसन्नता से काम कर पाएंगे। थकान व कमजोरी रह सकती है। व्यस्तता रहेगी। जीवन सुखमय बीतेगा।
🐟मीन
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। तीर्थयात्रा की योजना बनेगी। ऐश्वर्य के साधनों पर व्यय होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। निवेश शुभ रहेगा। बुद्धि का प्रयोग करें। प्रमाद से बचें। रोजगार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होगी।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416