
गीता का सार है-कर्म, धर्म, धैर्य और तपस्या- अविराज सिंह
भगवान लव कुश शौर्य, साहस, शक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रतीक है
मालथौन/खुरई। भगवान श्रीकृष्ण ने युवाओं को संदेश दिया है कि वे शिक्षित बने और सभी की रक्षा करें। श्रीमद्भागवत गीता का सार है कर्म, धर्म, धैर्य और तपस्या। यह उद्गार भाजपा के युवा नेता अविराज सिंह ने मालथौन और खुरई में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं विशाल शोभा यात्रा उपरांत आयोजित सभा में व्यक्त किये।
मालथौन में श्री जानकीरमण बड़ा मंदिर तथा खुरई में जेल रोड़ स्थित लवकुश मंदिर परिसर में जन्मोत्सव कार्यक्रम सम्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि माता जानकी के संवेदनशीलता और त्याग का ही परिणाम है कि भगवान लवकुश शक्ति, साहस, शौर्य और आदर्श पुत्र का प्रतीक बनें।
अपने संबोधन में भाजपा युवा नेता अविराज सिंह ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण विष्णु जी के आठवें अवतार है और एक ऐसे अवतार जिनकी विश्व में हर जगह पूजा होती है। विश्व के हर देश में भगवान श्री कृष्ण की पूजा होती है। आज हम भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी मना रहे हैं।
उन्होंने वेंकटेश्वर स्त्रोत का गुणगान करते हुये कहा कि भगवान श्रीकृष्ण कहते है कि इस विश्व का सबसे बड़ा धर्म सत्य है। हम अपने कर्म, अपने अंदर धैर्य को स्थापित करें, पराक्रम को स्थापित करें, तपस्या करें यह श्रीमद्भागवत गीता का सार है। भगवान श्री कृष्ण कहते है कि हमें अपने मित्रों का सारथी बनना चाहिए लोगों की तरह स्वार्थी नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा है कि हमें कभी अपने अंदर अहंकार नहीं करना क्योंकि भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत का युद्ध बिना शस्त्र उठाए ही पांडवों को विजय प्राप्त करा दी थी। भगवान श्रीकृष्ण से युवाओं को सीखना चाहिए कि हमें शिक्षित बनना होगा। भगवान श्रीकृष्ण स्वयं शिक्षित हुये। उन्होंने उज्जैन में शिक्षा प्राप्त की तब जाकर श्रीकृष्ण अर्जुन का भय दूर कर पाये थे और अर्जुन का मार्ग प्रशस्त कर पाये। भगवान श्रीकृष्ण ने संदेश दिया है कि युवाओं का सबसे बड़ा कर्तव्य है, सभी की रक्षा करना।
उन्होंने कहा कि खुरई विधानसभा क्षेत्र में यादव समाज के सामुदायिक भवन के एक एकड़ भूमि जिसका मूल्य 10 करोड़ रूपये है समाज के लिये समर्पित की है।
कार्यक्रम में राहुल चौधरी, रविन्द्र राजपूत, पूर्व मंडल अध्यक्ष हरिशंकर कुशवाहा, पार्षद गनेश पटैल, पार्षद मदन कुशवाहा, कुशवाहा समाज अध्यक्ष संतोश कुशवाहा, भाजपा नगर मंडल उपाध्यक्ष खुरई प्रमोद पटैल, नगर परिषद अध्यक्ष बरोदियाकलां श्रीमती मीनाबाई चुन्नीलाल कुशवाहा, पार्षद जितेन्द्र कुशवाहा, रम्मू कुशवाहा, संतोष पटैल, नवल कुशवाहा, आलोक कुशवाहा, रितिक कुशवाहा, डॉ. आर.डी. कुशवाहा, मोहन कुशवाहा,संतोष यादव, कमल यादव, रीतेश यादव, कोमल यादव, कल्लू यादव, वीरसिंह यादव, भईयन यादव, मोहित यादव, रघुराज यादव, भानसिंह यादव सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।