प्रदेश के कृषि यंत्र निर्माता खुरई में उद्योग लगाएं-  भूपेन्द्र सिंह

प्रदेश के कृषि यंत्र निर्माता खुरई में उद्योग लगाएं-  भूपेन्द्र सिंह

मध्यप्रांत कृषि यंत्र निर्माता संघ ने किया  भूपेन्द्र सिंह का सम्मान

खुरई। पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश से आये कृषि यंत्र निर्माताओं से आग्रह किया है कि खुरई में आकर उद्योग लगायें। खुरई में उद्योग स्थापना की सभी अधोसंरचना उपलब्ध हैं, यहां आदर्श स्थिति है और यह शांति का टापू है। यहां आपको उद्योग लगाने में सभी सुविधाएं उपलब्ध करायेंगे। उन्होंने मध्यप्रांत कृषि यंत्र निर्माता संघ के 8 सूत्रीय मांग पत्र पर आवश्यक कार्यवाही कराने का आश्वासन दिया।

मध्यप्रांत कृषि यंत्र निर्माता संघ की वार्षिक आम सभा के अवसर पर पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक भूपेन्द्र सिंह का संघ द्वारा सम्मान किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि इस आयोजन से खुरई, प्रदेश और देश के विकास पर मंथन होगा। खुरई में लगभग 75 छोटे बड़े कृषि यंत्र निर्माण के कारखाने हैं। खुरई इस क्षेत्र में न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश का एक हब है। हम चाहते हैं कि खुरई देश में एक ऐसा केन्द्र बने कि पूरे देश में खुरई के कृषि यंत्रों की अधिक से अधिक मांग हो।  भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि भविष्य का खुरई एग्रीकल्चर में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण केन्द्र बनने वाला है। तब सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में खुरई के कृषि यंत्रों की और मांग बढ़ेगी। हम सब जानते हैं कि खुरई, बीना की कृषि भूमि बहुत उपजाऊ है। खुरई विधानसभा क्षेत्र को सिंचाई परियोजना के क्षेत्र में तीन बड़ी उपलब्धि बीना नदी परियोजना, उल्दन बांध, हनोता परियोजना मिली हैं। जिनसें खुरई, बीना क्षेत्र में 70 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी। केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड के 10 जिलों को लाभ होगा। जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र आर्थिक रूप से समृद्ध होगा और बुंदेलखंड में खुरई के कृषि यंत्रों की मांग बढ़ेगी। आने वाले तीन साल में कम से कम दो सौ इंडस्ट्री खुरई में होंगी।

भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अगर एप्रोच की दृष्टि से देखें तो आज खुरई के चारों तरफ सागर, बीना, एनएच से कनेक्टीविटी है। अभी दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री श्री गड़करी से मिलकर अनुरोध किया है कि खिमलासा-राहतगढ़ रोड़ को एनएच में शामिल किया जाये। खुरई के आस पास अनेक ओवर ब्रिज बन चुके हैं बाकी जल्द ही पूरे हो जायेंगे। हमारे यहां 50 हजार करोड़ की रिफायनरी बीना में बनी हुई है और एक और रिफायनरी का काम चल रहा है। बीना रिफायनरी का जो भी विस्तार होगा उसका लाभ खुरई को मिलेगा। इस तरह औद्योगिक, और रोजगार, कनेक्टिविटी, एजुकेशन, एग्रीकल्चर आदि की दृष्टि से उपयुक्त खुरई में आकर लोग उद्योग लगायेंगे। उन्होंने कहा कि खुरई मध्य प्रदेश का ऐसा पहला विधानसभा क्षेत्र है, जहां पर हमने लैंड बैंक बनाया है। खुरई क्षेत्र में जितनी शासकीय भूमि उपलब्ध है उतनी सागर जिले में कहीं पर नहीं है। इस तरह जो भी इंडस्ट्री आना हैं वह खुरई में आना है। छोटे कारखानों के लिए भी हमने 35 प्लॉट बनाये है। हमारी योजना है कि एक बड़े क्षेत्र को इंडस्ट्रीयल एरिया बनायें। उद्योग लगाने सारी सुविधाओं के साथ जमीन उपलब्ध करायें।

भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई रेलवे स्टेशन पर अभी डम्पिंग रैक की सुविधा नहीं है जिसके लिये उन्होंने रेल मंत्री से अनुरोध किया है। इससे खुरई मंड़ी में और आवक बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि एक जिला एक उत्पाद सरकार की योजना है। उसमें हमारे खुरई का कृषि यंत्र निर्माण शामिल किया गया है। हमने बीना-खुरई-सागर को इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर घोषित कराया है। सड़क के किनारे जितनी भी जमीनें है वे इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के लिये आरक्षित हैं। खुरई में 24 घंटे पावर सप्लाई है, बीना नदी परियोजना से भी पावर जनरेट होना हैं। पावर सेक्टर में मध्यप्रदेश सरप्लस है। कृषि यंत्र निर्माण में वेट पहले ही फ्री करा दिया है। खुरई में कच्चे लोहे का डिपो बन जाए इसके लिये भी हम प्रयास कर रहे हैं। इससे छोटे कृषि यंत्र निर्माताओं को सहूलियत होगी और कृषि यंत्र कुछ सस्ते होंगे। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिये अधोसंरचना के साथ एक और जरूरी चीज जो होती है वह है कानून व्यवस्था। आज हम ये कह सकते हैं कि हमारा खुरई शांति का टापू है। उद्योग स्थापना की दृष्टि से खुरई में एक आदर्श स्थिति है। हमारी यह भी योजना है कि साल दो साल में खुरई, बीना में हवाई पट्टी बनायें। इससे हमारे यहां पर और तेजी से औद्योगिक निवेश आयेगा।

पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ विधायक  भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि खुरई क्षेत्र में विकास की दृष्टि से जो संभावनायें हैं, वे अन्य क्षेत्र में नहीं है। खुरई का एक नाम है, एक ब्रांड है। उन्होंने कहा कि देश आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहा है। हमें खुशी है कि रक्षा सहित कई क्षेत्रों में हम आत्मनिर्भर हो गये हैं, आने वाला समय भारत का है। इसलिये हमें विदेशी चीजों से निर्भरता छोड़कर स्वदेशी टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाना है। जो देश स्वदेशी उत्पाद को आगे बढ़ाता है वहीं आर्थिक प्रगति करता है।

कार्यक्रम में मध्यप्रांत कृषि यंत्र निर्माता संघ के पदाधिकारी ओ. पी. चौकसे अध्यक्ष, चन्द्रप्रताप सिंह अध्यक्ष, विजय जैन, बाबू भाई, हरीश लालवानी, विकास समैया सहित प्रदेश भर से आये संघ के सदस्य, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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