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|| जय श्री राधे ||
🌺🙏 महर्षि पाराशर पंचांग 🙏🌺
🙏🌺🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌺🙏
ll जय श्री राधे ll
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दिनाँक:-17/08/2025,रविवार
नवमी, कृष्ण पक्ष,
भाद्रपद
“”””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि——— नवमी 19:23:45 तक
पक्ष————————– कृष्ण
नक्षत्र———– रोहिणी 27:16:31
योग———— व्याघात 25:39:02
करण————- तैतुल 08:28:02
करण————— गर 19:23:45
वार————————- रविवार
माह———————– भाद्रपद
चन्द्र राशि—————— वृषभ
सूर्य राशि——————– सिंह
रितु—————————- वर्षा
आयन—————— दक्षिणायण
संवत्सर——————- विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————– सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2081
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————— 5126
वृन्दावन
सूर्योदय—————- 05:52:04
सूर्यास्त—————– 18:54:01
दिन काल————– 13:01:57
रात्री काल————– 10:58:32
चंद्रास्त—————– 14:06:18
चंद्रोदय—————- 24:25:34
लग्न—- सिंह 0°10′ , 120°10′
सूर्य नक्षत्र——————— मघा
चन्द्र नक्षत्र—————— रोहिणी
नक्षत्र पाया——————- लोहा
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
ओ—- रोहिणी 10:16:42
वा—- रोहिणी 15:56:08
वी—- रोहिणी 21:36:04
वु—- रोहिणी 27:16:31
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= सिंह 00°49 , मघा 1 मा
चन्द्र= वृषभ 10°30 , रोहिणी 1 ओ
बुध = कर्क 11°52 ‘ पुष्य 3 हो
शु क्र= मिथुन 25°05, पुनर्वसु , 2 को
मंगल= कन्या 12°30 ‘ हस्त 1 पू
गुरु=मिथुन 20°30 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 06°48 ‘ उ o भा o , 2 थ
राहू=(व) कुम्भ 25°15 पू o भा o, 2 सो
केतु= (व) सिंह 25°15 पूoफा o 4 टू
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 17:16 – 18:54 अशुभ
यम घंटा 12:23 – 14:01 अशुभ
गुली काल 15:39 – 17:16 अशुभ
अभिजित 11:57 – 12:49 शुभ
दूर मुहूर्त 17:10 – 18:02 अशुभ
वर्ज्यम 19:43 – 21:13. अशुभ
प्रदोष 18:54 – 21:07 शुभ
💮चोघडिया, दिन
उद्वेग 05:52 – 07:30 अशुभ
चर 07:30 – 09:08 शुभ
लाभ 09:08 – 10:45 शुभ
अमृत 10:45 – 12:23 शुभ
काल 12:23 14:01 अशुभ
शुभ 14:01 15:39 शुभ
रोग 15:39 – 17:16 अशुभ
उद्वेग 17:16 – 18:54 अशुभ
🚩चोघडिया, रात
शुभ 18:54 – 20:16 शुभ
अमृत 20:16 – 21:39 शुभ
चर 21:39 – 23:01 शुभ
रोग 23:01 – 24:23* अशुभ
काल 24:23* – 25:46* अशुभ
लाभ 25:46* – 27:08* शुभ
उद्वेग 27:08* – 28:30* अशुभ
शुभ 28:30* – 29:53* शुभ
💮होरा, दिन
सूर्य 05:52- 06:57
शुक्र 06:57- 08:02
बुध 08:02- 09:08
चन्द्र 09:08- 10:13
शनि 10:13- 11:18
बृहस्पति 11:18- 12:23
मंगल 12:23 -13:28
सूर्य 13:28 -14:33
शुक्र 14:33- 15:39
बुध 15:39- 16:44
चन्द्र 16:44- 17:49
शनि 17:49 -18:54
🚩होरा, रात
बृहस्पति 18:54- 19:49
मंगल 19:49 -20:44
सूर्य 20:44- 21:39
शुक्र 21:39- 22:34
बुध 22:34- 23:28
चन्द्र 23:28 -24:23
शनि 24:23-25:18
बृहस्पति 25:18-26:13
मंगल 26:13-27:08
सूर्य 27:08-28:03
शुक्र 28:03-28:58
बुध 28:58-29:53
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
कर्क > 03:32 से 05:52 तक
सिंह > 05:52 से 08:14 तक
कन्या > 08:14 से 10:32 तक
तुला > 10:32 से 12:52 तक
वृश्चिक > 12:52 से 15:12 तक
धनु > 15:12 से 17:22 तक
मकर > 17:22 से 19:02 तक
कुम्भ > 19:02 से 20:20 तक
मीन > 20:20 से 21:40 तक
मेष > 21:40 से 23:36 तक
वृषभ > 23:36 से 01:20 तक
मिथुन > 01:20 से 003:24 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
💮दिशा शूल ज्ञान————- पश्चिम
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौंजी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 9 + 1 + 1 = 26 ÷ 4 = 2 शेष
आकाश लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
राहु ग्रह मुखहुति
💮 शिव वास एवं फल -:
24 + 24 + 5 = 53 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = सन्ताप कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
- रोहिणी व्रत
*लट्ठ का मेला रंग जी मंदिर वृंदावन
*नन्दोत्सव नंदगांव, राधावल्लभ जी
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
अनभ्यासे विषं शास्त्रमजीर्णे भोजनं विषम् ।
दरिद्रस्य विषं गोष्ठी वृध्दस्य तरुणी विषम् ।।
।।चाo नीo।।
जिस अध्यात्मिक सीख का आचरण नहीं किया जाता वह जहर है. जिसका पेट ख़राब है उसके लिए भोजन जहर है. निर्धन व्यक्ति के लिए लोगो का किसी सामाजिक या व्यक्तिगत कार्यक्रम में एकत्र होना जहर है.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: अर्जुन विषादयोग:- अo-1
योत्स्यमानानवेक्षेऽहं य एतेऽत्र समागताः।
धार्तराष्ट्रस्य दुर्बुद्धेर्युद्धे प्रियचिकीर्षवः॥
दुर्बुद्धि दुर्योधन का युद्ध में हित चाहने वाले जो-जो ये राजा लोग इस सेना में आए हैं, इन युद्ध करने वालों को मैं देखूँगा
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष
यात्रा मनोरंजक रहेगी। आय में अधिक व्यय से मनोबल कमजोर पड़ सकता है। शत्रु परास्त होंगे। बेरोजगारी दूर होगी। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी।
🐂वृष
यात्रा, नौकरी व निवेश लाभदायक रहेंगे। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। संतान की शिक्षा संबंधी समस्या रह सकती है। कार्य, व्यवसाय के क्षेत्र में विभिन्न बाधाओं से मन अशांत रहेगा। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे।
👫मिथुन
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। प्रमाद न करें। परेशानियों का मुकाबला करके भी लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा व ज्ञान में वृद्धि होगी। राजकीय बाधा दूर होगी। अधूरे पड़े काम पूरे होने के योग हैं।
🦀कर्क
नए संबंध लाभदायी सिद्ध होंगे। व्यावसायिक क्षेत्र में सफलता का विशेष योग है। व्यापारिक निर्णय जल्दबाजी में न लें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। विवाद को बढ़ावा न दें। कुसंगति से हानि होगी। आय कम होगी।
🐅सिंह
राजकीय बाधा दूर होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। अपनी वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी से मतभेद। व्यवहारकुशलता से समस्या का समाधान हो सकेगा। वाहन सावधानी से चलाएं।
🙍♀️कन्या
प्रसन्नता रहेगी। उत्तम मनोबल आपकी सभी समस्याओं को हल कर देगा। प्रतिष्ठित जनों से मेलजोल बढ़ेगा। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे, प्रयास करें।
⚖️तुला
डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। सार्वजनिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। संतान की ओर से शुभ समाचार मिलेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। रोजगार के क्षेत्र में उन्नति होगी।
🦂वृश्चिक
वस्तुएं संभालकर रखें। आपकी मिलनसारिता व धैर्यवान प्रवृत्ति आपके जीवन में आनंद का संचार करेगी। स्थायी संपत्ति में वृद्धि होगी। व्यापार अच्छा चलेगा। फालतू खर्च होगा। शारीरिक कष्ट संभव है। दूसरों पर अतिविश्वास न करें।
🏹धनु
यात्रा, निवेश व नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। जोखिम न उठाएं। प्रसन्नता रहेगी। धर्म के कार्यों में रुचि आपके मनोबल को ऊंचा करेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। व्ययों में कमी करना चाहिए।
🐊मकर
पुराने मित्र व संबंधियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। स्वाभिमान बना रहेगा। नौकरी में मनचाही पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। रुका धन मिलेगा। व्यापार में नए अनुबंध होंगे। अजनबियों पर विश्वास न करें।
🍯कुंभ
मेहनत सफल रहेगी। कार्य की प्रशंसा होगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। दौड़धूप अधिक रहेगी। बुरी खबर मिल सकती है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। समाज में आपके कार्यों की आलोचना होगी।
🐟मीन
राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। वाणी पर संयम रखें। ऐश्वर्य के साधन मिलेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। कार्य निर्णय बहुत शांति से विचार करके करना ही शुभ है।
🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏
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आचार्य नीरज पाराशर (वृन्दावन)
(व्याकरण,ज्योतिष,एवं पुराणाचार्य)
09897565893,09027214416