
मध्यप्रदेश: पर्यटन का नया केंद्र
मध्यप्रदेश अब विश्व पर्यटन के केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, प्रदेश की पहचान ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों, प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म के संगम के रूप में होती है। पर्यटन अब प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बन चुका है।
मध्यप्रदेश की विविधता इसकी सबसे बड़ी ताकत है:
- बाघों की सबसे ज्यादा संख्या: मध्यप्रदेश में देश में सबसे ज्यादा बाघ पाए जाते हैं।
- चीतों का परिवार: कूनो में चीतों का परिवार फल-फूल रहा है।
- स्वच्छ नदी: चंबल नदी देश की सबसे स्वच्छ नदियों में से एक है, जहां घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है।
- विश्वविख्यात धरोहर स्थल: सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसे विश्वविख्यात धरोहर स्थल मध्यप्रदेश को वैश्विक पहचान दिला चुके हैं।
धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन प्रदेश की आत्मा है:
- महाकाल लोक: उज्जैन का महाकाल लोक धार्मिक आस्था का केंद्र है।
- रामराजा मंदिर: ओरछा का रामराजा मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अद्वितीय है।
फिल्म पर्यटन ने भी गति पकड़ी है:
- प्राकृतिक लोकेशन: मध्यप्रदेश की प्राकृतिक लोकेशन और होम स्टे की सुविधाओं ने कई फिल्म निर्माताओं को आकर्षित किया है।
आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 लाख से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश पहुंचे, जो एक रिकॉर्ड है और पर्यटन के महत्व को दर्शाता है।
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